ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना, हामी भर लेना
बहुत हैं फ़ायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता
छोड़कर जिसको गए थे आप कोई और था
अब मैं कोई और हूं वापस तो अकर देखिए
बहुत हैं फ़ायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता
छोड़कर जिसको गए थे आप कोई और था
अब मैं कोई और हूं वापस तो अकर देखिए
बहुत पहचान है आसान इसकी
अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है
हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है
हम हैं मुसाफ़िर ऐसे जो मंज़िल से आए हैं
अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है
हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है
हम हैं मुसाफ़िर ऐसे जो मंज़िल से आए हैं
जब आईना तो देखो इक अजनबी देखो
कहां पे लाई है तुमको ये ज़िंदगी देखो
अब अपना कोई दोस्त कोई यार नहीं है
हैं जिसकी तरफ़, वो भी तरफ़दार नहीं है
कहां पे लाई है तुमको ये ज़िंदगी देखो
अब अपना कोई दोस्त कोई यार नहीं है
हैं जिसकी तरफ़, वो भी तरफ़दार नहीं है
कौन दोहराए फिर वही बातें
ग़म अभी सोया है, जगाए कौन
मुझ को बिखरना था जो ये घेरा नहींं होता
मैं अपना भी न होता जो तेरा नहीं होता
ग़म अभी सोया है, जगाए कौन
मुझ को बिखरना था जो ये घेरा नहींं होता
मैं अपना भी न होता जो तेरा नहीं होता
दिल को घेरे हैं रोज़गार के ग़म
रद्दी में खो गई किताब कोई
कभी ये लगता है अब ख़त्म हो गया सब कुछ
कभी ये लगता है अब तक तो कुछ हुआ भी नहीं
रद्दी में खो गई किताब कोई
कभी ये लगता है अब ख़त्म हो गया सब कुछ
कभी ये लगता है अब तक तो कुछ हुआ भी नहीं
Comments
Post a Comment